फरीदाबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक कार्यक्रम मन की बात पर उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए पत्रकार व लेखक हरीश चंद्र बर्णवाल को डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया है. उन्हें यह उपाधि फरीदाबाद स्थित मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ रिसर्च एंड स्टडीज के दीक्षांत समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा के हाथों मिला है.
प्रोफेसर डा. कुमार राजेश के मार्गदर्शन में डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल ने अपने शोध कार्य क को पूरा किया है. शोध का विषय था ”सतत विकास लक्ष्यों के संदर्भ में प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’. डॉ. बर्णवाल का यह शोध कार्य अकादमिक जगत में अपनी तरह का पहला शोध है. उनका शोध यह बताता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किस प्रकार गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को एक जन आंदोलन में बदला और इसमें आम लोगों की भागीदारी को सुनिश्चित किया.
भारतेंदु हरिश्चंद्र पुरस्कार से सम्मानित डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल ने अब तक 8 पुस्तकें लिखी हैं. पत्रकारिता के विद्यार्थी के लिए टेलीविजन की भाषा, सोशियो-पॉलिटिकल छात्रों के लिए मोदी मंत्र, मोदी सूत्र और मोदी नीति, बतौर कहानीकार सच कहता हूं कहानी संग्रह है जबकि लहरों की गूंज काव्य शैली की पुस्तक प्रकाशित है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने संघ पर पुस्तक लिखी है जिसका नाम है – संघ की अनसुनी कहानियां. आजकल ये पुस्तक चर्चा में है. वे एक सफल यूट्यूबर भी हैं.
डॉ. हरीश ने प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी के पहले कार्यकाल (वर्ष 2014 से लेकर 2019) में प्रसारित मन की बात के सभी 53 कड़ियों का अध्ययन किया और उन कड़ियों का विश्लेषण किया. शोध के निष्कर्ष के अनुसार, स्वच्छता जैसे वैश्विक लक्ष्य पर सर्वाधिक 34 कड़ियां, शिक्षा पर 28, महिला सशक्तिकरण पर 27, स्वास्थ्य पर 25 और गरीबी उन्मूलन पर 16 कड़ियों में पीएम ने विस्तृत जनसंवाद किया है.
मन की बात कार्यक्रम पर डॉ. हरीश बर्णवाल का शोध प्रपत्र पत्रकारिता, राजनीति विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के शोधार्थियों के लिए मार्गदर्शक और प्रमाणिक संदर्भ के रूप में उपयोगी रहने वाला है.
