बंगाल की जनता के नाम पीएम की चिट्ठी
कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा के आगामी चुनाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की जनता के नाम एक पत्र लिखा. उस पत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य में सत्ता परिवर्तन का आह्वान करते हुए ‘विकसित’ व समृद्ध ‘सोनार बांग्ला’ बनाने का संकल्प जताया. प्रधानमंत्री यह पत्र भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा बंगाल की जनता के सभी घरों में पहुंचाया जा रहा है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में उनकी सरकार ने जनकल्याण और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. किसानों के कल्याण, युवाओं के सपनों को पूरा करने और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं.

उन्होंने पत्र में लिखा है कि राज्य सरकार के सहयोग न करने के बावजूद करीब 5 करोड़ लोगों को जन-धन योजना से बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया. स्वच्छ भारत मिशन के तहत 85 लाख शौचालय बनाए गए और उज्ज्वला योजना के जरिए 1 करोड़ से अधिक परिवारों को गैस कनेक्शन दिए गए. किसान सम्मान निधि के तहत 52 लाख से अधिक किसानों को आर्थिक सहायता दी गई है.
राज्य की स्थिति पर उन्होंने पत्र में लिखा है कि एक समय पश्चिम बंगाल देश के औद्योगिक विकास में अग्रणी था, लेकिन आज राज्य की हालत देखकर दुख होता है. उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार की कमी के कारण युवाओं को दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है और महिलाओं की सुरक्षा भी चिंता का विषय है.
प्रधानमंत्री ने जनता से विकास की यात्रा में शामिल होने की अपील की और लिखा कि अगर उन्हें सेवा का अवसर मिला तो वे राज्य को भ्रष्टाचार, हिंसा और अवैध घुसपैठ से मुक्त कर सम्मान के रास्ते पर आगे बढ़ाएंगे. प्रधानमंत्री ने जनता के नाम लिखे खुले पत्र में कहा कि कुछ ही महीनों में पश्चिम बंगाल का भविष्य तय होगा और आने वाली पीढ़ियों की दिशा जनता के निर्णय पर निर्भर करेगी.
