नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो पुस्तकों का लोकार्पण हुआ और फिर उसी पुस्तक पर परिचर्या हुई. लोकार्पण होने वाली पुस्तक का नाम है “सशक्त नारी सशक्त उत्तर प्रदेश: योगी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण”. इसका अंग्रेजी में अनुवाद “Breaking the Barriers: Women Empowerment in Yogi’s Uttar Pradesh”. पुस्तक पर परिचर्चा के दौरान उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए गए कार्यों, नीतिगत प्रयासों और सामाजिक परिवर्तन पर गहन विमर्श भी हुआ.
कार्यक्रम बतौर मुख्यअतिथि यूजीसी के पूर्व चेयरमैन और उत्तर प्रदेश सरकार के शिक्षा सलाहकार प्रो. डीपी सिंह ने कहा कि यूपी में महिला सशक्तिकरण आज केवल नीतिगत दस्तावेज़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सामाजिक व्यवहार और सार्वजनिक जीवन का हिस्सा बन रहा है. शिक्षा, सुरक्षा, स्वरोज़गार और आत्मनिर्भरता के क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका प्रदेश की विकास यात्रा को नई दिशा दे रही है. उन्होंने कहा कि यह पुस्तक शिक्षकों, शोधार्थियों, नीति अध्ययन से जुड़े विद्यार्थियों और समाज विज्ञान के अध्येताओं के साथ साथ प्रबुद्ध पाठकों आदि सबके लिए अत्यंत उपयोगी पुस्तक है.
कार्यक्रम की संयोजक, लेखिका और जेएनयू में प्रोफेसर पूनम कुमारी ने कहा कि यह कृति समकालीन उत्तर प्रदेश की सामाजिक संरचना और महिलाओं की बदलती हुई सकारात्मक स्थिति को समझने में सहायक है. प्रो. पूनम कुमारी ने अपने लेखकीय और फ़ील्डवर्क के अनुभव साझा करते हुए बताया कि पुस्तक का उद्देश्य आंकड़ों के साथ-साथ जमीनी अनुभवों और महिलाओं की वास्तविक जीवन-स्थितियों को भी सामने लाना है जो उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने में बहुत सहायक होगा और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में यूपी की महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है.
विशिष्ट अतिथि प्रो. संतोष शुक्ला ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह पुस्तक महिला सशक्तिकरण को केवल सरकारी योजनाओं के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना के रूप में प्रस्तुत करती है. उन्होंने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अवसरों के विस्तार को लेकर जो संरचनात्मक परिवर्तन हुए हैं, उनका लेखा जोखा पुस्तक में स्पष्ट दिखाई देता है.
कार्यक्रम का संचालन डा. शिवानी सक्सेना ने किया. परिचर्चा में बड़ी संख्या में प्राध्यापक, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे.
