पत्रकारिता के बिना सबल समाज संभव नहीं: प्रो. अरुण भगत

पटना। पत्रकारिता के बिना सबल समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। पत्रकार समाज का नियामक और नियंता होता है। किसी भी समाज को आगे बढ़ाने के लिए लोगों की बात और भावनाओं का ख्याल रखना पड़ता है। उक्त विचार बिहार लोक सेवा आयोग के सदस्य प्रो. अरुण भगत ने पत्रकारिता कार्यशाला के उद्घाटन के अवसर पर व्यक्त किए।

उन्होंने विश्व संवाद केंद्र द्वारा आयोजित 12 दिवसीय पत्रकारिता कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में कहा कि पत्रकारिता के कारण ही नीति नियंताओं को जन-भावना की जानकारी मिलती है। सरकार की नीतियों के प्रचार-प्रसार में भी इसकी अहम भूमिका होती है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार राकेश प्रवीर ने कहा कि सब कोई जन्मजात पत्रकार होता है जहां संवाद संप्रेषण की बात होती है वही पत्रकारिता की होती है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दक्षिण बिहार प्रांत के सह प्रांत प्रचार प्रमुख निखिल रंजन ने विश्व संवाद केंद्र द्वारा आयोजित गत 22 वर्षों से लगातार चलाई जा रही पत्रकारिता कार्यशाला की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिहार में शायद ही कोई ऐसी संस्था होगी जो इतने लंबे समय से लगातार पत्रकारिता कार्यशाला का आयोजन कर रही है। इस कार्यशाला द्वारा कई ख्यातनाम पत्रकार बने। स्वामी विवेकानंद जयंती (12 जनवरी) से प्रारंभ होकर यह कार्यशाला सुभाष चंद्र बोस जयंती (23 जनवरी) तक चलेगी। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉक्टर दिवाकर कश्यप ने किया।

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