नोएडा. उत्तर प्रदेश की सबसे समृद्ध जनपद गौतमबुद्धनगर का औद्योगिक नगरी नोएडा की सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नोएडा सिटीजन फोरम की ओर से गंभीर सवाल उठाया है. नोएडा सिटीजन फोरम की अध्यक्ष शालिनी सिंह ने नोएडा मीडिया क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के जरिए नोएडा के अफसरों की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाया और जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित और पारदर्शी कार्यवाही करने की मांग की.
नोएडा सेक्टर 150 में नोएडा प्रशासनिक लापरवाही के चलते होनहार और प्रतिभाशाली इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई. मामला संज्ञान में आते ही सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी बनी लेकिन कमेटी ने तीन महीने रिपोर्ट दी. नोएडा सिटीजन फोरम का कहना है कि एसआईटी ने रिपोर्ट में बनाने में लापरवाही बरती और बड़े अधिकारियों को बचा लिया गया. पीड़ित परिवार के न्याय के लिए इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए.
नोएडा में अवैध बैंक्वेट हॉल और बारात घरों के संचालन को लेकर भी नोएडा सिटीजन फोरम की ओर से सवाल उठाया गया. फोरम अध्यक्ष ने कहा कि अवैध घोषित हो चुके बैंक्वेट हॉल को सील किया जाना चाहिए. वहां कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं कराना चाहिए. अवैध संचालन के लिए नोएडा प्राधिकरण की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.
फोरम ने शहर में बढ़ते प्रदूषण, सेक्टर-145 के अवैध डंपिंग ग्राउंड को बंद करने, कचरा निस्तारण के लिए स्थायी समाधान कराने की मांग की गई. इसके अलावा नोएडा के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, शहर की सीवेज लाइनों को भी दुरुस्त करने की मांग की गई है.
नोएडा सिटीजन फोरम की ओर से प्रेस वार्ता में नोएडा अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि फोरम लापरवाह अधिकारियों की एक सूची बनाकर सीएम कार्यालये भेजा जाएगा. प्रेस वार्ता के दौरान फोरम महासचिव प्रशांत त्यागी, सचिव गरिमा त्रिपाठी, गिरीश कपूर, मधु मेहरा, छाया राय, प्रदीप यादव, रेणु बाला शर्मा ज्योत्सना पमनानी एवं एडवोकेट कमल कौशिक आदि उपस्थित थे.
