पटना. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर संजय आनंद विकलांग हॉस्पिटल में सामाजिक संस्था आशा बिहार द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य योग, शाकाहार और संस्कार के समन्वय के माध्यम से स्वस्थ, संतुलित, शांतिपूर्ण और सुखी जीवन का संदेश समाज तक पहुंचाना था. कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक योगाभ्यास से हुई. योग गुरु सहर्ष कुमार ने विद्यार्थियों, मरीजों, परिजनों और अतिथियों को योगाभ्यास कराया तथा योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को अनुशासित, ऊर्जावान और रोगमुक्त जीवन प्रदान करता है.
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजकुमार की गरिमामय उपस्थिति रही. संस्था आशा बिहार के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि योग, नैतिक मूल्यों और संस्कारों का समावेश ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है.
आशा बिहार के अध्यक्ष तनसुख जी बैद ने कहा कि आज के समय में योग और शाकाहार को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है. स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है, जब व्यक्ति अपने जीवन में संयम, संतुलन और करुणा को अपनाए.
संस्था की राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष सरोज पाटनी जैन ने कहा कि योग, शाकाहार और संस्कार के बिना वास्तविक सुख, शांति और संतोष की प्राप्ति संभव नहीं है. उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, बड़ों के सम्मान, समय के सदुपयोग, सात्विक जीवनशैली और निरंतर आत्मविकास को अपनाने का संदेश दिया.
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बतौर अतिथि बीएनआई डिवाइन चैप्टर के अध्यक्ष गौतम बरनवाल ने बीएनआई के बारे में जानकारी दी.और योग और सात्विक आहार को लेकर मानव जीवन पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव के बारे में बताया है. निकिता अग्रवाल ने कहा कि योग से तनाव कम होता है और मानसिक शांति मिलती है.
कार्यक्रम में मनोवैज्ञानिक काउंसलर नवजोत काजल ने योग दिवस और फादर्स डे के संदर्भ में भावपूर्ण कविताएं प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया. वहीं, दीपारती वेलफेयर फाउंडेशन बिहार ईकाई अध्यक्ष रजनी बरनवाल ने कहा कि हमारी थाली में परोसा गया भोजन केवल शरीर को ऊर्जा नहीं देता, बल्कि हमारे मन, विचारों और व्यवहार को भी प्रभावित करता है. यदि योग स्वस्थ जीवन की साधना है, तो शाकाहार उसकी आधारशिला है.
कार्यक्रम का संचालन पद्मश्री डॉ. विमल जैन ने किया. उन्होंने अपने संबोधन में दया, करुणा, परोपकार और सह-अस्तित्व जैसे मानवीय मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी. वहीं, संजय आनंद विकलांग हॉस्पिटल के अध्यक्ष डीबी गुप्ता ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा हॉस्पिटल की विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी. कार्यक्रम में हॉस्पिटल के ट्रस्टीगण, स्कूल ऑफ इनलाइटमेंट के विद्यार्थी और सैकड़ों योग प्रेमियों सहित गणमान्य की उपस्थिति रहे.
